कविता का नाम- मेरा देश लेखक- पृथ्वीराज घार्गे, कक्षा- ७ वी (ड). ००००००००००००००००००००००००००००० मेरा देश सबसे प्यारा, सारे जग से न्यारा हिमगिरी जिसके सिर पे विराजे सागर चरण पखारे. अनेक जाती, अनेक धर्म अनेक प्रा़ंत,अनेक वेष. दूर-दूर तक है यही चर्चे भारत देश किस मिट्ठी से...